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यह एक सुपर मॉडल की कहानी है। एक प्रसिद्ध रेडियो स्टेशन का मालिक जिसका रेप करने का प्रयास करता है और मॉडल के प्रेमी को मार देता है। मॉडल पागल हो जाती है। पागलखाने में एक रेडियो प्रोग्राम उसे सुनाया जाता है, वह सही होने लगती है। एक दिन वह मॉडल पागल खाने से भाग जाती है और शहर में ऐसे लोगों की हत्या करने लगती है, जो रेप करने के आरोपी होते हैं। अंत में वह उसका भी मर्डर कर देती है, जो उसका रेप करता है। जिस रेडियो प्रोग्राम को वह सुनती थी, उसी के माध्यम से जनता को बताया जाता है कि उसने बलात्कारियों की हत्या क्यों की, इस कारण वह एक साइको किलर के स्थान पर नायिका और इंसाफ की देवी बनकर उभरती है।

About the Author

अमित खान का जन्म गाज़ियाबाद जनपद के पिलखुआ क़स्बे में हुआ। उनका पहला उपन्यास मात्र 15 वर्ष की आयु में प्रकाशित हो गया था। आज उनका पात्र ‘कमांडर करण सक्सेना’ हिंदी उपन्यास जगत में मील का पत्थर बन चुका है, जिस सीरिज़ पर उन्होंने 58 उपन्यास लिखे। वह आजकल मुंबई में रहते हैं और मुंबई फ़िल्म इंडस्ट्री में भी काफी सक्रिय हैं। उनके द्वारा लिखी कथा, पटकथा, संवादों पर कई भाषाओं (हिंदी-मराठी-पंजाबी) में फ़िल्में बन चुकी हैं और टीवी पर भी वह अभी तक अलग-अलग धारावाहिकों के सौ से ज़्यादा एपिसोड लिख चुके हैं।
9780143455271
out of stock INR 159
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Nayika

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ISBN: 9780143455271
₹159
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Details
  • ISBN: 9780143455271
  • Author: Amit Khan
  • Publisher: Hind Pocket Books
  • Pages: 248
  • Format: Paperback
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Book Description

यह एक सुपर मॉडल की कहानी है। एक प्रसिद्ध रेडियो स्टेशन का मालिक जिसका रेप करने का प्रयास करता है और मॉडल के प्रेमी को मार देता है। मॉडल पागल हो जाती है। पागलखाने में एक रेडियो प्रोग्राम उसे सुनाया जाता है, वह सही होने लगती है। एक दिन वह मॉडल पागल खाने से भाग जाती है और शहर में ऐसे लोगों की हत्या करने लगती है, जो रेप करने के आरोपी होते हैं। अंत में वह उसका भी मर्डर कर देती है, जो उसका रेप करता है। जिस रेडियो प्रोग्राम को वह सुनती थी, उसी के माध्यम से जनता को बताया जाता है कि उसने बलात्कारियों की हत्या क्यों की, इस कारण वह एक साइको किलर के स्थान पर नायिका और इंसाफ की देवी बनकर उभरती है।

About the Author

अमित खान का जन्म गाज़ियाबाद जनपद के पिलखुआ क़स्बे में हुआ। उनका पहला उपन्यास मात्र 15 वर्ष की आयु में प्रकाशित हो गया था। आज उनका पात्र ‘कमांडर करण सक्सेना’ हिंदी उपन्यास जगत में मील का पत्थर बन चुका है, जिस सीरिज़ पर उन्होंने 58 उपन्यास लिखे। वह आजकल मुंबई में रहते हैं और मुंबई फ़िल्म इंडस्ट्री में भी काफी सक्रिय हैं। उनके द्वारा लिखी कथा, पटकथा, संवादों पर कई भाषाओं (हिंदी-मराठी-पंजाबी) में फ़िल्में बन चुकी हैं और टीवी पर भी वह अभी तक अलग-अलग धारावाहिकों के सौ से ज़्यादा एपिसोड लिख चुके हैं।

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