संडे टाइम्स साइंस बुक ऑफ़ द ईयर ‘आश्चर्यों से भरी पुस्तक। दिल, फेफड़े और जननांगों से जुड़ी निराली बातें... साथ में थोड़ी-सी नाराज़गी और अच्छा जीवन जीने के लिए परामर्श भी - सब कुछ प्रस्तुत है ब्रायसन वाले अनोखे अंदाज़ में।’ -गार्डियन ‘अनूठे वैज्ञानिक तथ्यों से भरपूर प्रत्येक पृष्ठ इतने सजीव ढंग से लिखा गया है जैसे कोई थ्रिलर हो।’ -मेल ऑन संडे बिल ब्रायसन यह पता लगाते हैं कि मानव शरीर वास्तव में किस तरह से काम करता है और इसके अंदर क्या-क्या है। जल्द ही उन्हें मालूम होता है कि यह तो अत्यंत जटिल और चमत्कारिक है, और उनकी कल्पना से परे अनेक रहस्यों से भरा हुआ भी है। मस्तिष्क से होते हुए शरीर के निचले हिस्सों की, और जीवन के आरंभ से अंत तक की यात्रा पर निकले ब्रायसन रहस्योद्घाटन करते हैं कि हम वास्तव में सफलता की चौंकाने वाली एक कहानी हैं। पुस्तक में भुला दिए गए नायकों, आश्चर्यजनक किस्सों और असाधारण तथ्यों से भरा हुआ हमारा इतिहास है कि कैसे हमने जीव-विज्ञान पर प्रभुत्व प्राप्त करते हुए बीमारियों को दूर भगाया। वे एक लेखक के तौर पर आरंभ से अंत तक रोचक और विस्तृत मार्गदर्शिका लिखते हुए अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में नज़र आते हैं। ‘ब्रायसन अपने मस्तिष्क को एक विषय-विशेष के तत्वों से पोषित करते हैं और फिर एक मीठा, ज़ायकेदार रस पैदा करते हैं - यह पुस्तक आनंदित कर देती है।’ -स्पेक्टेटर ‘दिलचस्प और बहुत सारे रहस्यपूर्ण तथ्यों से परिपूर्ण।’ -द टाइम्स
About the Author
बिल ब्रायसन का जन्म 1951 में डी मॉइन, आयोवा में हुआ था। द रोड टू लिटिल ड्रिबलिंग, नोट्स फ्ऱॉम ए स्मॉल आइलैंड, ए वॉक इन द वुड्स, वन समर, द लाइफ़ ऐंड टाइम्स ऑफ़ द थंडरबोल्ट किड, और एट होम उनकी बेस्टसेलिंग पुस्तकें हैं। एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नोट्स फ्रॉम ए स्मॉल आइलैंड को ब्रिटेन का सर्वोत्तम ढंग से प्रतिनिधित्व करने वाली पुस्तक के रूप में चुना गया था। पापुलर साइंस के क्षेत्र में उनकी प्रशंसित पुस्तक ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ़ नियरली एवरीथिंग ने एवेंटीस प्राइज़ और डेकार्ट प्राइज़ जीता और यह यूके में अपने दशक की सबसे अधिक बिकने वाली नॉन-फ़िक्शन पुस्तक थी। बिल ब्रायसन 2005 से 2011 तक डरहम यूनिवर्सिटी के चांसलर थे। वह रॉयल सोसायटी के मानद फेलो हैं और इंग्लैंड में रहते हैं।