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अंतिम सफर कमलेश्वर का अंतिम एवं कालजयी उपन्यास है, जिस पर वे फिल्म बनाना चाहते थे। लेकिन उनके असामयिक निधन के कारण यह कृति सिल्वर स्क्रीन पर साकार न हो सकी। यह न केवल इंदिरा गांधी के जीवन पर एक उत्कृष्ट उपन्यास है, वरन स्वतंत्र भारत के इतिहास के कुछ स्वर्णिम पन्ने भी इसमें हैं। यह भारतीय ​इतिहास के एक ऐसे युग की कहानी है, जो हमेशा याद किया जाएगा। उपन्यास की भाषा अत्यंत सरल एवं आम बोलचाल की भाषा है।

About the Author

कमलेश्वर हिन्दी लेखक कमलेश्वर बीसवीं शती के सबसे सशक्त लेखकों में से एक समझे जाते हैं। कहानी, उपन्यास, पत्रकारिता, स्तंभ लेखन, फिल्म पटकथा जैसी अनेक विधाओं में उन्होंने अपनी लेखन प्रतिभा का परिचय दिया। कमलेश्वर का लेखन केवल गंभीर साहित्य से ही जुड़ा नहीं रहा, बल्कि उनके लेखन के कई तरह के रंग देखने को मिलते हैं। उनका उपन्यास 'कितने पाकिस्तान' हो या फिर भारतीय राजनीति का एक चेहरा दिखाती फ़िल्म 'आंधी' हो, कमलेश्वर का काम एक मानक के तौर पर देखा जाता रहा है।
9780143458890
out of stock INR 239
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Antim Safar

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ISBN: 9780143458890
₹239
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Details
  • ISBN: 9780143458890
  • Author: Kamleshwar
  • Publisher: Hind Pocket Books
  • Pages: 124
  • Format: Paperback
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Book Description

अंतिम सफर कमलेश्वर का अंतिम एवं कालजयी उपन्यास है, जिस पर वे फिल्म बनाना चाहते थे। लेकिन उनके असामयिक निधन के कारण यह कृति सिल्वर स्क्रीन पर साकार न हो सकी। यह न केवल इंदिरा गांधी के जीवन पर एक उत्कृष्ट उपन्यास है, वरन स्वतंत्र भारत के इतिहास के कुछ स्वर्णिम पन्ने भी इसमें हैं। यह भारतीय ​इतिहास के एक ऐसे युग की कहानी है, जो हमेशा याद किया जाएगा। उपन्यास की भाषा अत्यंत सरल एवं आम बोलचाल की भाषा है।

About the Author

कमलेश्वर हिन्दी लेखक कमलेश्वर बीसवीं शती के सबसे सशक्त लेखकों में से एक समझे जाते हैं। कहानी, उपन्यास, पत्रकारिता, स्तंभ लेखन, फिल्म पटकथा जैसी अनेक विधाओं में उन्होंने अपनी लेखन प्रतिभा का परिचय दिया। कमलेश्वर का लेखन केवल गंभीर साहित्य से ही जुड़ा नहीं रहा, बल्कि उनके लेखन के कई तरह के रंग देखने को मिलते हैं। उनका उपन्यास 'कितने पाकिस्तान' हो या फिर भारतीय राजनीति का एक चेहरा दिखाती फ़िल्म 'आंधी' हो, कमलेश्वर का काम एक मानक के तौर पर देखा जाता रहा है।

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