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मेरी कहानी कमला दास की विश्वप्रसिद्ध आत्मकथा है। इस पुस्तक की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका पंद्रह विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुआ। इसमें कमला दास ने उन बातों को भी लिखा है, जिसके कारण उनकी छवि पर असर पड़ा, लेकिन वे बातें उनके जीवन की कड़वी सच्चाई थी। एक साधारण गृहस्थ महिला जब अपनी भावनाओं को अपनी पूरी ताकत और साहस के साथ कागज़ पर उतारती है, तो साहित्य की दुनिया में तहलका मच जाता है। कमला दास के साथ ऐसा ही हुआ था।

Product description

About the Author

कमला दास मलयालम भाषा की भारतीय लेखिका थीं। वे मलयालम भाषा में माधवी कुट्टी के नाम से लिखती थीं। वे मात्र 15 साल की उम्र से कवितायें लिखने लगी थीं। उनकी माँ बालमणि अम्मा एक बहुत अच्छी कवयित्री थीं और उनके लेखन का कमला दास पर खासा असर पड़ा। यही कारण है कि उन्होंने कविताएँ लिखना शुरू किया।
9780143458791
out of stock INR 179
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Meri Kahani

ISBN: 9780143458791
₹179
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Details
  • ISBN: 9780143458791
  • Author: Kamla Das
  • Publisher: Hind Pocket Books
  • Pages: 224
  • Format: Paperback
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Book Description

मेरी कहानी कमला दास की विश्वप्रसिद्ध आत्मकथा है। इस पुस्तक की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका पंद्रह विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुआ। इसमें कमला दास ने उन बातों को भी लिखा है, जिसके कारण उनकी छवि पर असर पड़ा, लेकिन वे बातें उनके जीवन की कड़वी सच्चाई थी। एक साधारण गृहस्थ महिला जब अपनी भावनाओं को अपनी पूरी ताकत और साहस के साथ कागज़ पर उतारती है, तो साहित्य की दुनिया में तहलका मच जाता है। कमला दास के साथ ऐसा ही हुआ था।

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About the Author

कमला दास मलयालम भाषा की भारतीय लेखिका थीं। वे मलयालम भाषा में माधवी कुट्टी के नाम से लिखती थीं। वे मात्र 15 साल की उम्र से कवितायें लिखने लगी थीं। उनकी माँ बालमणि अम्मा एक बहुत अच्छी कवयित्री थीं और उनके लेखन का कमला दास पर खासा असर पड़ा। यही कारण है कि उन्होंने कविताएँ लिखना शुरू किया।

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